ज्ञापन
यमुना पुनर्जीवन हेतु आगरा-विशिष्ट माँगों के संबंध में
प्रेषक:
ब्रज खंडेलवाल एवं सदस्यगण
रिवर कनेक्ट अभियान (यमुना आरती सभा), आगरा
एतमाद्दौला व्यू प्वाइंट पार्क, यमुना किनारा रोड, आगरा
प्रति:
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
श्री नरेंद्र मोदी जी
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली
तथा
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार
श्री योगी आदित्यनाथ जी
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
विषय: 27 मई 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यमुना पुनर्जीवन के संबंध में दिए गए निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आगरा-विशिष्ट माँगों के संबंध में ज्ञापन।
दिनांक: 28 मई 2026
मान्यवर,
27 मई 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यमुना नदी की दयनीय स्थिति पर स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जिसे आठ सप्ताह के भीतर व्यापक “यमुना एक्शन प्लान” प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। यह निर्णय करोड़ों लोगों की भावनाओं, पर्यावरणीय चिंताओं तथा सांस्कृतिक विरासत की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक और स्वागतयोग्य कदम है।
हम, रिवर कनेक्ट अभियान (यमुना आरती सभा), आगरा के सदस्य एवं समर्थक, आपके समक्ष यह ज्ञापन प्रस्तुत कर यमुना नदी की आगरा क्षेत्र में अत्यंत गंभीर स्थिति की ओर ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैं तथा कुछ अत्यावश्यक और व्यावहारिक माँगें रखना चाहते हैं, जिनका तत्काल समाधान यमुना पुनर्जीवन के लिए अनिवार्य है।
यमुना, जो कभी ब्रज संस्कृति, आस्था, कृषि और जीवन का आधार थी, आज आगरा में एक मौसमी नाले में बदल चुकी है। वर्ष के अधिकांश समय नदी का पाट सूखा पड़ा रहता है। बहाव के स्थान पर केवल सीवर का काला पानी दिखाई देता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा व्यक्त यह पीड़ा कि “यमुना अब एक सीवेज नाले से अधिक कुछ नहीं रह गई”, आगरा की जनता प्रतिदिन अपनी आँखों से देख रही है।
ताजमहल की संरचनात्मक स्थिरता भी यमुना के जलस्तर और आर्द्रता पर निर्भर मानी जाती है। यदि नदी सूखती रही तो यह केवल पर्यावरणीय संकट नहीं रहेगा, बल्कि विश्व धरोहर और भारत की सांस्कृतिक पहचान पर भी खतरा बन जाएगा। अतः यह समय केवल घोषणाओं का नहीं, बल्कि निर्णायक और समयबद्ध कार्रवाई का है।
रिवर कनेक्ट अभियान की प्रमुख आगरा-विशिष्ट माँगें
1. ताजमहल के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में बैराज / डैम का तत्काल निर्माण
पिछले लगभग 25-30 वर्षों से ताजमहल के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में बैराज अथवा रबर चेक डैम निर्माण का प्रस्ताव सरकारी फाइलों में लंबित पड़ा है। अनेक बार माँग उठने के बावजूद यह परियोजना नौकरशाही उदासीनता का शिकार रही है।
यह संरचना अत्यंत आवश्यक है ताकि ताजमहल के आसपास तथा उसके आगे लगभग 20-25 किलोमीटर क्षेत्र में न्यूनतम जलस्तर बना रहे और नदी में बारहमासी प्रवाह सुनिश्चित हो सके। वर्तमान में नदी का सूखा पाट अतिक्रमण, कचरा फेंकने, गाद जमाव तथा प्रदूषण का स्थायी केंद्र बन गया है।
हम माँग करते हैं कि:
- इस परियोजना को “राष्ट्रीय महत्व” की परियोजना घोषित किया जाए।
- राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एवं जल शक्ति मंत्रालय के माध्यम से विशेष निधि आवंटित की जाए।
- निर्माण हेतु स्पष्ट समयसीमा तय की जाए।
- तकनीकी एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब समाप्त किया जाए।
अब और देरी यमुना तथा ताजमहल दोनों के लिए विनाशकारी सिद्ध होगी।
2. न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह (E-Flow) एवं पर्याप्त स्वच्छ जल छोड़े जाने की व्यवस्था
आगरा तक पहुँचते-पहुँचते यमुना में स्वच्छ जल लगभग समाप्त हो जाता है। गैर-मानसूनी महीनों में नदी में जो प्रवाह दिखाई देता है, उसका अधिकांश भाग सीवर, नालों और औद्योगिक अपशिष्टों का होता है।
हम माँग करते हैं कि:
- हरियाणा एवं उत्तराखंड के बैराजों से वर्षभर न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह कानूनी रूप से सुनिश्चित किया जाए।
- Upper Yamuna River Board के माध्यम से रियल-टाइम टेलीमेट्री आधारित निगरानी प्रणाली लागू हो।
- जल बँटवारे के नियमों को सख्ती से लागू किया जाए।
- गर्मियों एवं सूखे मौसम में अतिरिक्त स्वच्छ जल छोड़ा जाए।
पर्याप्त जल प्रवाह के बिना यमुना का पुनर्जीवन असंभव है। जल ही नदी का प्राण है।
3. आगरा के शहरी क्षेत्र में वैज्ञानिक डी-सिल्टिंग एवं ड्रेजिंग
आगरा में यमुना का तल भारी मात्रा में गाद, प्लास्टिक, निर्माण मलबे और विषैले अवशेषों से भर चुका है। इससे नदी की जलधारण क्षमता और भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
हम माँग करते हैं कि:
- आगरा के लगभग 20-25 किलोमीटर शहरी हिस्से में चरणबद्ध वैज्ञानिक डी-सिल्टिंग एवं ड्रेजिंग कराई जाए।
- इस कार्य में IITs, पर्यावरण विशेषज्ञों, पुरातत्व विभाग एवं जल वैज्ञानिकों की निगरानी सुनिश्चित हो।
- पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) के आधार पर सुरक्षित तकनीक अपनाई जाए।
- निकाली गई गाद एवं अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था हो।
यदि यह कार्य सावधानीपूर्वक किया जाए, तो इससे नदी की गहराई, प्रवाह क्षमता और भूजल पुनर्भरण में उल्लेखनीय सुधार होगा।
4. यमुना के बाढ़क्षेत्रों एवं नदी तल से अतिक्रमण हटाया जाए
नदी के प्राकृतिक बाढ़क्षेत्रों पर अवैध कब्जों, कंक्रीटीकरण और निर्माण कार्यों ने यमुना की प्राकृतिक जीवन प्रणाली को बाधित कर दिया है।
हम माँग करते हैं कि:
- सभी अवैध अतिक्रमणों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए।
- बाढ़क्षेत्रों को पुनर्स्थापित किया जाए।
- नदी किनारों के अनियंत्रित कंक्रीटीकरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगे।
- जैव-विविधता संरक्षण हेतु प्राकृतिक हरित पट्टियाँ विकसित की जाएँ।
नदी केवल जलधारा नहीं होती; उसका बाढ़क्षेत्र भी उसके शरीर का हिस्सा होता है।
5. प्रदूषण नियंत्रण एवं आधारभूत ढाँचे को सुदृढ़ किया जाए
यमुना में गिरने वाले अधिकांश नाले आज भी अपर्याप्त शोधन व्यवस्था के कारण प्रदूषण फैला रहे हैं।
हमारी माँगें हैं:
- आगरा के सभी नालों का 100 प्रतिशत सीवेज शोधन सुनिश्चित किया जाए।
- STP एवं CETP की क्षमता बढ़ाई जाए तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग हो।
- औद्योगिक प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।
- यमुना घाटों का सौंदर्यीकरण पर्यावरणीय संवेदनशीलता के साथ किया जाए।
- नदी संरक्षण कानूनों के पालन हेतु विशेष “रिवर पुलिस स्क्वॉड” गठित किया जाए।
6. जनभागीदारी एवं पारदर्शी निगरानी व्यवस्था
किसी भी नदी पुनर्जीवन अभियान की सफलता स्थानीय समाज की भागीदारी पर निर्भर करती है।
अतः हम माँग करते हैं कि:
- रिवर कनेक्ट अभियान सहित स्थानीय सामाजिक संगठनों, पर्यावरणविदों एवं नागरिक समूहों को योजना निर्माण एवं निगरानी में शामिल किया जाए।
- जल गुणवत्ता, प्रवाह, प्रदूषण स्तर और परियोजनाओं की प्रगति हेतु सार्वजनिक डिजिटल डैशबोर्ड बनाया जाए।
- प्रत्येक तीन माह में प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से “यमुना जन-जागरण अभियान” चलाया जाए।
माननीय प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी,
आगरा की जनता दशकों से यमुना के पुनर्जीवन की प्रतीक्षा कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप एक ऐतिहासिक अवसर लेकर आया है। यदि अब भी निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें कभी क्षमा नहीं करेंगी।
अतः हम आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि:
1. उपर्युक्त आगरा-विशिष्ट माँगों को यमुना एक्शन प्लान में तत्काल शामिल किया जाए।
2. आगरा हेतु विशेष टास्क फोर्स एवं पृथक बजट आवंटित किया जाए।
3. सभी परियोजनाओं के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए।
4. डाउनस्ट्रीम बैराज परियोजना पर लंबित नौकरशाही बाधाओं को समाप्त करने हेतु व्यक्तिगत हस्तक्षेप किया जाए।
यमुना का पुनर्जीवन केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है। यह भारत की सभ्यता, संस्कृति, आस्था, इतिहास और भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। ब्रजभूमि की आत्मा यमुना से ही जीवित है।
हम पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए आपसे आग्रह करते हैं कि शीघ्र, ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएँ ताकि आने वाली पीढ़ियाँ पुनः एक स्वच्छ, निर्मल और अविरल यमुना का दर्शन कर सकें।
सादर,
रिवर कनेक्ट अभियान (यमुना आरती सभा)
एतमाद्दौला व्यू प्वाइंट पार्क
यमुना किनारा रोड, आगरा
मोबाइल: ___7895852750
ईमेल: agrabrij@gmail.com
प्रतिलिपि:
- माननीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, भारत सरकार
- मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार
- सदस्य सचिव, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन
- अध्यक्ष, अपर यमुना नदी बोर्ड
- जिलाधिकारी, आगरा
- नगर आयुक्त, आगरा नगर निगम